पंचांग

आज

New Delhi

06:14 के अनुसार
तिथि
नवमीसमाप्ति: 05 अक्टू., 03:54
नक्षत्र
पुनर्वसुसमाप्ति: 05 अक्टू., 00:13
योग
परिघसमाप्ति: 12:30
करण
तैतिलसमाप्ति: 16:52
चंद्र राशि
मिथुनसमाप्ति: 18:31
हिन्दू मास
आश्विन
स्थान और तारीख
New Delhi 2026-10-04 Asia/Kolkata
समय क्षेत्र की सीमाएँ: OpenStreetMap योगदानकर्ता (ODbL).
केवल तभी बदलें जब चुने गए शहर का समय क्षेत्र गलत हो।

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त
11:46 - 12:33
ब्रह्म मुहूर्त
04:38 - 05:26

राहु काल और यमगंड

राहु काल
16:36 - 18:05
यमगंड
12:09 - 13:38

त्योहार और व्रत

इस तारीख के लिए कोई पर्व सूचीबद्ध नहीं है।

त्योहार कैलेंडर
व्यक्तिगत और क्षेत्रीय सेटिंग
रीसेट करें
सूर्य, चंद्रमा और कैलेंडर विवरण
सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
उपलब्ध नहीं
चंद्रास्त
14:02
सौर मध्याह्न
12:09
दिन की अवधि
11h 50m
पक्ष
कृष्ण
शक संवत
1948
विक्रम संवत
2083
संवत्सर
पराभव
ऋतु
वर्षा
सूर्य राशि
कन्या
सभी पारंपरिक समय
गुलिक
15:07 - 16:36
कुलिक
15:07 - 16:36
यमघंट
12:09 - 13:38
कालवेला
12:09 - 13:38
कंटक
06:14 - 07:43
अमृत काल
21:56 - 23:27
वर्ज्य
12:51 - 14:22
दुर्मुहूर्त
16:30 - 17:17

नक्षत्र समय चुनी गई तारीख से जुड़े हैं। रात पार करने वाले समय सहित आरंभ और समाप्ति की पूरी तारीखें दिखाई जाती हैं।

दिन के समय देखें
दिन में पंचांग के बदलाव
तत्वमानसेतक
तिथिअष्टमी00:0005:52
तिथिनवमी05:5223:59
नक्षत्रआर्द्रा00:0001:29
नक्षत्रपुनर्वसु01:2923:59
करणकौलव00:0005:52
करणतैतिल05:5216:52
करणगर16:5223:59
योगपरिघ00:0012:30
योगशिव12:3023:59
चंद्र राशिमिथुन00:0018:31
चंद्र राशिकर्क18:3123:59
क्षेत्रीय पर्व

सामान्य परंपरा

सामान्य व्याख्या
पक्ष: कृष्ण। तारीख: 2026-10-04 (Asia/Kolkata)।

पर्व की तारीखें और व्रत की विधियां क्षेत्र व परंपरा के अनुसार अलग हो सकती हैं।

आने वाले दिन
तारीखतिथिनक्षत्रचंद्र राशिपहला समय
2026-10-04नवमीपुनर्वसुमिथुन06:14
2026-10-05दशमीपुष्यकर्क05 अक्टू., 06:15
2026-10-06एकादशीआश्लेषाकर्क06 अक्टू., 06:15
2026-10-07द्वादशीमघासिंह07 अक्टू., 06:16
2026-10-08त्रयोदशीपूर्व फाल्गुनीसिंह08 अक्टू., 07:44
2026-10-09चतुर्दशीउत्तर फाल्गुनीकन्या09 अक्टू., 06:17
2026-10-10अमावस्याहस्तकन्या10 अक्टू., 07:51

सभी समय Asia/Kolkata के अनुसार हैं। अगले दिन तक चलने वाले समय के साथ तारीख दी गई है। पारंपरिक व्याख्याएं निश्चित भविष्यवाणियां नहीं हैं।