पंचांग

आज

New Delhi

06:35 के अनुसार
तिथि
दशमीसमाप्ति: 11:04
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनीसमाप्ति: 05 नव., 03:29
योग
ब्रह्मसमाप्ति: 07:58
करण
विष्टिसमाप्ति: 11:04
चंद्र राशि
सिंहसमाप्ति: 05 नव., 09:33
हिन्दू मास
कार्तिक
स्थान और तारीख
New Delhi 2026-11-04 Asia/Kolkata
समय क्षेत्र की सीमाएँ: OpenStreetMap योगदानकर्ता (ODbL).
केवल तभी बदलें जब चुने गए शहर का समय क्षेत्र गलत हो।

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त
बुधवार को अनुशंसित नहीं
ब्रह्म मुहूर्त
04:59 - 05:47

राहु काल और यमगंड

राहु काल
12:04 - 13:27
यमगंड
07:57 - 09:19

त्योहार और व्रत

इस तारीख के लिए कोई पर्व सूचीबद्ध नहीं है।

त्योहार कैलेंडर
व्यक्तिगत और क्षेत्रीय सेटिंग
रीसेट करें
सूर्य, चंद्रमा और कैलेंडर विवरण
सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
01:43
चंद्रास्त
14:35
सौर मध्याह्न
12:04
दिन की अवधि
10h 59m
पक्ष
कृष्ण
शक संवत
1948
विक्रम संवत
2083
संवत्सर
पराभव
ऋतु
शरद
सूर्य राशि
तुला
सभी पारंपरिक समय
गुलिक
10:42 - 12:04
कुलिक
10:42 - 12:04
यमघंट
07:57 - 09:19
कालवेला
07:57 - 09:19
कंटक
12:04 - 13:27
अमृत काल
01:03 - 02:38
अमृत काल
21:04 - 22:40
वर्ज्य
11:27 - 13:03
दुर्मुहूर्त
11:42 - 12:26

नक्षत्र समय चुनी गई तारीख से जुड़े हैं। रात पार करने वाले समय सहित आरंभ और समाप्ति की पूरी तारीखें दिखाई जाती हैं।

दिन के समय देखें
दिन में पंचांग के बदलाव
तत्वमानसेतक
तिथिदशमी00:0011:04
तिथिएकादशी11:0423:59
नक्षत्रमघा00:0003:25
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी03:2523:59
करणविष्टि00:0011:04
करणबव11:0422:47
करणबालव22:4723:59
योगब्रह्म00:0007:58
योगइंद्र07:5823:59
चंद्र राशिसिंह00:0023:59
क्षेत्रीय पर्व

सामान्य परंपरा

सामान्य व्याख्या
पक्ष: कृष्ण। तारीख: 2026-11-04 (Asia/Kolkata)।

पर्व की तारीखें और व्रत की विधियां क्षेत्र व परंपरा के अनुसार अलग हो सकती हैं।

आने वाले दिन
तारीखतिथिनक्षत्रचंद्र राशिपहला समय
2026-11-04एकादशीपूर्व फाल्गुनीसिंह06:35
2026-11-05द्वादशीउत्तर फाल्गुनीकन्या05 नव., 07:58
2026-11-06त्रयोदशीहस्तकन्या06 नव., 06:36
2026-11-07चतुर्दशीचित्राकन्या07 नव., 08:04
2026-11-08अमावस्यास्वातीतुला08 नव., 06:38
2026-11-09अमावस्याविशाखातुला09 नव., 06:38
2026-11-10प्रतिपदाअनुराधावृश्चिक10 नव., 06:39

सभी समय Asia/Kolkata के अनुसार हैं। अगले दिन तक चलने वाले समय के साथ तारीख दी गई है। पारंपरिक व्याख्याएं निश्चित भविष्यवाणियां नहीं हैं।